आप के अन्दर का जो कवि जागा है...उसे बधाइ देते है ...लेकिन अगर रचनाएं हिन्दी में लिखे तो बेहतर होगा।
लहर नई है अब सागर मेंरोमांच नया हर एक पहर मेंपहुँचाएंगे घर घर मेंदुनिया के हर गली शहर मेंदेना है हिन्दी को नई पहचानजो भी पढ़े यही कहेभारत देश महान भारत देश महान ।NishikantWorld
एक टिप्पणी भेजें
2 टिप्पणियां:
आप के अन्दर का जो कवि जागा है...उसे बधाइ देते है ...लेकिन अगर रचनाएं हिन्दी में लिखे तो बेहतर होगा।
लहर नई है अब सागर में
रोमांच नया हर एक पहर में
पहुँचाएंगे घर घर में
दुनिया के हर गली शहर में
देना है हिन्दी को नई पहचान
जो भी पढ़े यही कहे
भारत देश महान भारत देश महान ।
NishikantWorld
एक टिप्पणी भेजें