देखो साधौ सारा जगत, भागत उसके पीछे।
जो नही भागत पीछे, वही तो साधौ होये।।
साधौ=साधु??? m i right
गुरुवार, अक्तूबर 12, 2006
दोहावली क्र॰ ५
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देखो साधौ सारा जगत, भागत उसके पीछे।
जो नही भागत पीछे, वही तो साधौ होये।।
साधौ=साधु??? m i right
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भैय्ये
अब अगर इसे दोहा कहोगे तो भाषा और छ्म्ड की व्याकरण तो गई तेल लेने
अब मैं क्या बोलूँ....
किसी भी छन्द के लिये मात्रा की गिनती:
१. आधे अक्षर, पूरे अक्षर, छोटी मात्रा (हर्स्व स्वर) लगे हुए अक्षर -- मात्रा = १
उदाहरण: क, कि, कु, आदि।
क्वार में १+२+१=४ मात्रायें हैं
विद्या में १+१+२=४ मात्राएं हैं।
२) दीर्घ मात्रायुक्त वर्णों की मात्रा २ गिनी जाती है।
माता = २+२
कविता= १+१+२
न्याय = १+२+१
शुभम् जी, बहुत दिनों से आपके ज़ोरदार दोहे पढ़ने को नहीं मिले। कहाँ ग़ायब हैं आजकल?
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